एक मंत्र रोज जरूर सुना करो। यह भगवान ने जो ज्ञान दिया कि जो मनुष्य माता पिता के साथ अच्छे कर्म करता है, जो मनुष्य विद्वान के जैसे कर्म करता है.. यहाँ यह ज्ञान है कि विद्वान की तरह जब कर्म करेगा उसको विद्वान से ज्ञान मिलेगा। विद्वान तो आचरण को मानते हैं। जो आप...
ओ३म् स रोचयज्जनुषा रोदसी उभे स मात्रोरभवत्पुत्र ईड्यः। हव्यवाळग्निरजरश्चनोहितो दूळभो विशामतिथिर्विभावसुः॥ (ऋग्वेद मंत्र ३/२/२) ईश्वर ने यहां यह ज्ञान दिया है कि ब्रह्मचर्य रखकर विद्या और सुशिक्षा प्राप्त करो। ब्रह्मचर्य पर बड़ा ध्यान रखो। जो पुस्तक मैंने...
Anonymous: What is Shradh function? Swami Ram Swarup: In Vedas, Shradh function is not celebrated. SHRADH At the time of death, the soul comes out of the body and when a person is dead, his body is burnt on pyre. When soul resides in human body, person uses his mouth...
ओ३म् आ नो गहि सख्येभिः शिवेभिर्महान्महीभिरूतिभिः सरण्यन्। अस्मे रयिं बहुलं संतरुत्रं सुवाचं भागं यशसं कृधी नः॥ (ऋग्वेद मंत्र ३/१/१९) भावार्थ: यदि मनुष्यः सुमित्राणि प्राप्नुयात्तर्हि तं महती श्रीः कथं न प्राप्नुयात्। इस मंत्र में भगवान कह रहा है कि अगर...
सबसे महान कार्य जो इस शरीर से जीवात्मा ने करवाना होता है वह यज्ञ है। यज्ञ में ब्रह्मा प्रवचन करता है, बोलता है, विद्या दान करता है। वही ब्रह्मा योग की शिक्षा और हर चीज की शिक्षा देता है। यह सबसे श्रेष्ठ कर्म है। नामकरण या तो जन्म के समय या १०१ दिन के बाद जब मर्जी...
वेद अनंत ज्ञान के भंडार हैं। कल किसी चीज का वर्णन था, आज किसी और चीज का वर्णन चल रहा है। ओ३म् विश्वे देवास आ गत शृणुता म इमं हवम्। एदं बर्हिर्नि षीदत॥ (ऋग्वेद मंत्र २/४१/१३) जो विद्यार्थी विद्वान् से पढ़ते हैं, वे विद्वानों से यह कहे कि हे आचार्य! आप...
ओ३म् सोमापूषणा जनना रयीणां जनना दिवो जनना पृथिव्याः। जातौ विश्वस्य भुवनस्य गोपौ देवा अकृण्वन्नमृतस्य नाभिम्॥ (ऋग्वेद मंत्र २/४०/१) जो ज्ञान है इसको आप सुनेI मनुष्य को प्रकाश, पृथिवी और धन और भी बहुत कुछ चाहिएI पृथिवी, प्रकाश और धन आदि की रक्षा हो इसलिए...
भगवान ने इन मंत्रों में इंजीनियरिंग का ज्ञान दिया हैI इनमें कहा है कि अच्छे-अच्छे यान बनाओ जैसे हवाई जहाज आदिI यह अग्नि और जल से चलेंI वेद अनादि हैंI आज जितने भी हवाई जहाज, कार, पानी के जहाज यह सब हवा पानी और बिजली से ही चलते...
ओ३म् तुभ्यं हिन्वानो वसिष्ट गा अपोऽधुक्षन्त्सीमविभिरद्रिभिर्नरः। पिबेन्द्र स्वाहा प्रहुतं वषट्कृतं होत्रादा सोमं प्रथमो य ईशिषे॥ (ऋग्वेद मंत्र २/३६/१) हम चाहे गरीब घर में पैदा हो चाहे अमीर घर में, हमें आध्यात्मिक उन्नति करके गरीबी-अमीरी का फर्क मिटाना...
Aditya: Pranam Guruji. Is there anything mentioned in vedas regarding solar or lunar eclipse ? Like its significance or any do’s & dont’s. Because people normally say that we should not eat anything or have to take a bath after the eclipse, etc. Is...