Questions & Answers - December 05, 2017

Anupam: गुरुजी सादर प्रणाम।गुरुजी क्या महाभारत में योगेश्वर श्री कृष्ण द्वारा बासुरी व मोरपंखी धारण करने का उल्लेख है या ये पैराणिक वर्णन है।गुरुजी जब श्रीकृष्ण म महाराज द्वारिका मे रहे तो क्या देवकी वासुदेव व यशोदा नंदबाबा उनके साथ रहे।
Swami Ramswarup: Blessings beti. Mahabharat mein Sri Krishna Maharaj ka baansuri athwa mormukut dharann karne ka varnnan nahi hai. Yeh pauraanik kathaon mein aata hai.

Han! Unke saath hee rahe.

Anupam: गुरुजी सादर प्रणाम।गुरुजी आपसे एक बात तो अच्छे से समझ आयी है कि सत्य एक ही होता है चाहे लोग अपने विचार जिस भी रूप मे रखे पर गुरुजी जो वेदज्ञानी हो वो अपना कुछ विचार रखे तो क्या वह उनका स्वनिर्मित विचार कहा जायेगा या वो वेद मे उल्लखित है जैसे महेश योगी जी की trancidental meditation ओर श्री रविशंकर जी द्वारा बताई सुदर्शन क्रिया।या इसे ध्यान की श्रेणी मे रख जाएगा।प्रश्न अनुचित हो तो छमा करे।
Swami Ramswarup: Blessings beti. Ved ke vidwan ka vedic vichaar hota hai, uska apna vichaar nahi hota parantu yadi uske paas khichdi gyan hai arthat vedic, pauraanik aur kuchh bhi, tub weh apne andar aur doosron kee kitaabon se tarah-2 ke apramaanik vichaar utpann karta hai aur us par khush hota hai. Nahi.